बेतिया(संवावदाता गोलू शुक्ला) -चंपारण के लिए ऐतिहासिक दिन रहा क्योंकि तमाम राजनीतिक, सामाजिक, और धार्मिक संगठन के युवा एक साथ मिलकर चंपारण में सरकार से एक विश्वविद्यालय तथा उस विश्वविद्यालय परिसर के अंदर देश का दूसरा सबसे ऊंचा तिरंगा झंडा की मांग। इस कार्यक्रम की रूपरेखा मनीष कश्यप ने तैयार किया तथा एमजेके कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। युवा जागरण मंच के अध्यक्ष दीपेश सिंह ने दिन रात एक कर के सारे युवाओं को इसके लिए जागृत किया।
छात्र संघ के अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने कहा जब महाविद्यालय के छात्र ने मुझे निर्दलीय चुनकर अध्यक्ष बनाया तभी मैंने प्रण लिया मैं आखरी दम तक छात्रों के हित के लिए कार्य करते रहूंगा।
युवा समाजसेवी मनीष कश्यप ने कहा कि गांधीजी के नाम पर चंपारण में खूब राजनीति रोटियां सेकी जाती है। सत्याग्रह आंदोलन के 150 वर्ष पूरे होने पर पैसे पानी की तरह खर्च किए गए। पर सोचने वाली बात है दोनों जिले की जनसंख्या 1 करोड़ है और यहां पर छात्रों के लिए एक भी विश्वविद्यालय नहीं है। मनीष कश्यप ने इस बात को जोर देकर कहा अगर चंपारण में विश्वविद्यालय और तिरंगा लगाने के लिए सरकार पहल नहीं करती है तो 2019 में चंपारण का हर एक युवा चुनाव का बहिष्कार करेगा और वोट नहीं डालेगा।
युवा जागरण मंच के अध्यक्ष दीपेश सिंह ने कहा युवाओं के हित की रक्षा करने के लिए मैं हमेशा सिस्टम से लड़ता रहूंगा और विश्वविद्यालय हमारी प्राथमिकता है किसी भी हाल में इसे चंपारण में स्थापित करेंगे।
सादिक खान ने कहा कि तिरंगा ना हिंदू का है ना मुसलमान का है तिरंगा 125 करोड़ हिंदुस्तानियों का है और अगर सत्याग्रह की धरती चंपारण में देश का दूसरा सबसे ऊंचा तिरंगा लगाया जाता है तो यह पूरे देश के लिए गर्व की बात होगी।
बजरंग दल के बेतिया नगर संयोजक प्रणय गुप्ता ने जोर देकर इस बात को कहा की सत्याग्रह की धरती जिसके वजह से पूरा देश आजाद हुआ वहां पर तिरंगा लगाना पूरे देश के लिए गर्व की बात होगी।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और भाजपा के चनपटिया मंडल अध्यक्ष सोनू दुबे ने कहा के अगर चंपारण में विश्वविद्यालय बनता है तो चंपारण के युवाओं का सबसे बड़ा समस्या का समाधान हो जाएगा और इस पर सारे युवाओं ने ताली बजाकर उनके बातों का समर्थन किया।
सचिन भगत ने भी कहा कि इस आंदोलन को किसी राजनीति संगठन के सामाजिक संगठन से जोड़ने की जरूरत नहीं है। विश्वविद्यालय की स्थापना से फायदा पूरे चंपारणवासी को होगा और देश का दूसरा सबसे ऊंचा तिरंगा अगर चंपारण में लगता है तो पूरे देशवासियों को इस बात से गर्व होगा।
अमरेंद्र यादव, रफीउल आजम, असद शाहीन, प्रिंस पांडेय, नवीन सिंह, प्रकाश राय, सहमत अली, आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे|updated by gaurav gupta

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