
*UPI पर 2000 रुपये के ऊपर चार्ज? कहीं सरकार के कैंची आपकी जेब पर तो नहीं ? पूरा सच क्या है आइए जानते हैं?*
*आलेख – डॉ. राकेश वशिष्ठ, वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादकीय लेखक*
सोशल मीडिया पर खबर तेजी से फैल रही है कि 15 अक्टूबर 2026 से UPI पर चार्ज लगेगा। खबर आधी सही, आधी अफवाह है। आइए, पूरा सच सरल भाषा में समझते हैं। केंद्र सरकार और NPCI ने 15 सितंबर 2026 को नया नियम जारी किया है। इसके तहत UPI पर। केंद्र सरकार ने बैंकों और सिस्टम प्रोवाइडर्स द्वारा 2,000 रुपये तक के यूपीआई और रुपे डेबिट कार्ड लेनदेन पर किसी भी प्रकार का चार्ज लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। केंद्र सरकार ने बैंकों और सिस्टम प्रोवाइडर्स को 2,000 रुपये तक के यूपीआई (UPI) लेनदेन पर किसी भी प्रकार का ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने से रोक दिया है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट 2007 की धारा 10A के तहत ये कानूनी प्रतिबंध लागू किया गया है इस नियम के जरिए 2,000 रुपये तक रुपये डेबिट कार्ड और यूपीआई से भुगतान करने या प्राप्त करने वाले किसी भी व्यक्ति से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई चार्ज नहीं वसूला जा सकता डिजिटल अर्थव्यवस्था को सुगम बनाए रखने के उद्देश्य से ये कदम उठाया गया है।
अगस्त में सरकार ने एक निश्चित सीमा से अधिक के चुनिंदा यूपीआई मर्चेंट लेनदेन पर मामूली मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुरू करने की संभावना का संकेत दिया था इसके साथ ही सरकार ने आश्वस्त किया था कि आम उपभोक्ताओं और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति (पर्सन-टू-पर्सन) के बीच होने वाले भुगतान पूरी तरह मुफ्त रहेंगे।
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं और सामान्य भुगतानों पर यह सेवा पूरी तरह मुफ्त रहेगी।
*MDR (Merchant Discount Rate) क्या है?* जब आप दुकान पर UPI से पैसा देते हैं, तो दुकानदार को बैंक और ऐप कंपनी को थोड़ा सा कमीशन देना पड़ता है। इसी को MDR कहते हैं। ये ग्राहक से नहीं, दुकानदार से लिया जाता है।
*नया नियम क्या कहता है? (1). 2000 रुपये तक – बिल्कुल फ्री:*
अगर आप दुकान पर 2000 रुपये तक का भुगतान UPI से करते हैं, तो कोई चार्ज नहीं। न आपसे, न दुकानदार से। देश के 95% से ज्यादा दुकान वाले लेनदेन इसी में आते हैं।
*(2). 2000 रुपये से ऊपर – 0.40% MDR:*
2000 से ऊपर के पेमेंट पर दुकानदार को 0.40% देना होगा। जैसे –
– 3000 रुपये पर – 12 रुपये
– 10,000 रुपये पर – 40 रुपये
– 50,000 रुपये पर – 200 रुपये f898
*(3). अधिकतम सीमा 300 रुपये:*
चाहे आप 75 हजार का पेमेंट करें या 5 लाख का, दुकानदार से ज्यादा से ज्यादा 300 रुपये ही लिए जाएंगे।
*किस पर चार्ज नहीं लगेगा? – ये सबसे जरूरी है:–* *(1)- दोस्त, रिश्तेदार को पैसे भेजना (P2P):* कितनी भी राशि हो, बिल्कुल फ्री रहेगी।
*(2)- छोटे दुकानदार:* जो ठेले, खोमचे वाले महीने में 1 लाख रुपये तक UPI से लेते हैं, उन पर कोई चार्ज नहीं। *(3) – रेलवे, टेलीकॉम, पेट्रोल, बीमा, खाद:* इन जरूरी जगहों पर 2000 से ऊपर भी सिर्फ 5 रुपये फ्लैट चार्ज लगेगा।
*क्या ग्राहक से पैसा वसूला जाएगा?:–* यह सवाल भी आम जनता के जेहन में है कि ग्राहक से पैसा वसूला जाएगा तो आपको बता दें वित्त मंत्रालय ने साफ कहा है – “ग्राहक को UPI भुगतान पर कोई शुल्क नहीं देना होगा”। दुकानदार ग्राहक से ये पैसा नहीं ले सकता। बैंक को इस पर नजर रखने को कहा गया है।
अगस्त में सरकार ने एक निश्चित सीमा से अधिक के चुनिंदा यूपीआई मर्चेंट लेनदेन पर मामूली मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुरू करने की संभावना का संकेत दिया था। इसके साथ ही सरकार ने आश्वस्त किया था कि आम उपभोक्ताओं और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति (पर्सन-टू-पर्सन) के बीच होने वाले भुगतान पूरी तरह मुफ्त रहेंगे इस सवाल का जवाब है कि सरकार ने कहा था कि इस बदलाव को भारत के डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को टिकाऊ, कॉम्पिटिटिव और देश की बढ़ती डिजिटल इकोनॉमी को सपोर्ट करने में सक्षम बनाने की उसकी बड़ी कोशिश के हिस्से के तौर पर देखा जाना चाहिए
वित्त मंत्रालय ने उन खबरों को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें प्रस्तावित पॉलिसी बदलावों के पीछे बाहरी प्रभावों का हाथ होने का दावा किया गया था मंत्रालय ने ऐसे दावों को पूरी तरह निराधार, झूठा और भ्रामक करार दिया सरकार ने साफ किया कि देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना ही उसका मुख्य टारगेट है।
चूंकि UPI को चलाने में सालाना 20 हजार करोड़ का खर्च आता है। अब तक सरकार दे रही थी। अब बड़े लेनदेन से थोड़ा पैसा लेकर सिस्टम को मजबूत, सुरक्षित बनाया जाएगा। 2000 तक का आपका रोज का चाय-पानी, सब्जी, किराना का UPI – पहले जैसा ही फ्री है। बड़े शोरूम में बड़ी खरीद पर दुकानदार थोड़ा कमीशन देगा, आप नहीं।
*आलेख: डॉ राकेश वशिष्ठ,वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादकीय लेखक*


