पूर्णिया। धमदाहा ।

1942 ईस्वी में गांधी जी के आह्वान पर भारत छोड़ो आंदोलन में पूर्णिया जिला के धमदाहा थाना को स्वतंत्रता सेनानियों ने घेर लिया था। और उसको आग के हवाले कर दिया था। इस दौरान अंग्रेजों ने स्वतंत्रता सेनानियों पर अंधाधुंध गोली चलाई थी। जिसमें 15 लोग शहीद हो गए थे। इन शहीदों की याद में आज धमदाहा स्थित शहीद स्मारक पर राजकीय समारोह आयोजित कर शहीद वीर सपूतों को नमन किया गया। इस मौके पर बिहार सरकार की भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह, जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार समेत जिले और अनुमंडल के सभी बड़े अधिकारी मौजूद थे। सभी ने शहीदों को पुष्पांजलि कर श्रद्धांजलि दिया। इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराकर वंदे मातरम और राष्ट्रगान गाया। फिर सर्वधर्म सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर धमदाहा अनुमंडल और कृत्यानंद नगर प्रखंड क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को सम्मानित भी किया गया। मीडिया से बात करते हुए मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि धमदाहा स्वतंत्रता सेनानियों और वीर सपूतों की धरती रही है। यहां स्वतंत्रता संग्राम में 1942 के आंदोलन में 15 लोगों ने अपनी बलिदानी दी थी। उनके याद में यहां पिछले कई वर्षों से शहीद दिवस मनाया जाता है। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2023 ईस्वि में धमदहा के शहीद दिवस को राजकीय समारोह के रूप में मनाने की घोषणा की। और पिछले 4 सालों से यहां राजकीय समारोह के रूप में शहीद दिवस मनाया जाता है। जिसमें हम उन वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हैं। और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

तस्वीर..लेसी सिंह,मंत्री


