छोटी बच्ची ने योग साधना से मिशाल कायम कर दी

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दिल्ली से संवाददाता अजीत कुमार की रिपोर्ट

लोकेशन : रोहिणी

21 जून को हर साल पूरे विश्व में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में लोग योग के जरिए स्वस्थ जीवन का संदेश देते हैं। भारत, जो योग की जन्मभूमि है, वहां भी योग दिवस का उत्साह देखते ही बनता है।
आज विश्व योग दिवस के खास मौके पर हम आपको मिलवाने जा रहे हैं एक ऐसी नन्ही योग साधिका से, जिसने छोटी सी उम्र में बड़े-बड़े कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं।
हम बात कर रहे हैं 8 साल की वान्या शर्मा की, जिन्होंने योग को सिर्फ अपनाया ही नहीं बल्कि अपनी पहचान बना लिया है।

कम उम्र लेकिन हौसले बड़े।
नन्ही उम्र लेकिन उपलब्धियां असाधारण।

दिल्ली की रहने वाली वान्या शर्मा आज योग जगत में एक जाना-पहचाना नाम बन चुकी हैं। महज 8 साल की उम्र में वान्या ने योग के क्षेत्र में 18 विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं और हजारों बच्चों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

वान्या की योग यात्रा बेहद छोटी उम्र में शुरू हुई। करीब 2 साल की उम्र से ही उन्होंने योगासन करना शुरू कर दिया था। शुरुआत में यह एक सामान्य अभ्यास था, लेकिन धीरे-धीरे यही अभ्यास जुनून बन गया।

लगातार मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर वान्या ने राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है।
इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और कई प्रतिष्ठित संस्थानों में उनके रिकॉर्ड दर्ज हैं।

वान्या ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार प्रदर्शन किया है और कई पदक भी अपने नाम किए हैं।

उनकी मेहनत और लगन का ही नतीजा है कि आज वे योग जगत की उभरती हुई स्टार बन चुकी हैं।
उनकी उपलब्धियां सिर्फ रिकॉर्ड तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वह बच्चों और युवाओं के बीच फिटनेस और योग के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रही हैं।

योग के प्रति वान्या के समर्पण और असाधारण प्रतिभा को देखते हुए उन्हें देश की कई प्रतिष्ठित हस्तियों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

रेखा गुप्ता
ब्रजेश पाठक
रविंदर इंद्राज सिंह
सतीश चन्द्र दुबे
मनोज तिवारी
योगेंद्र चंदोलिया

सहित कई गणमान्य लोगों ने वान्या को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया है

फोटो : वानिया

आज जब बच्चे मोबाइल और स्क्रीन की दुनिया में व्यस्त हैं, ऐसे समय में वान्या शर्मा जैसी नन्ही प्रतिभाएं समाज के लिए प्रेरणा बनकर उभर रही हैं।

वान्या ने साबित कर दिया है कि उम्र कभी भी सफलता की बाधा नहीं बनती।
अगर लगन, मेहनत और समर्पण सच्चा हो, तो छोटी सी उम्र में भी बड़े सपनों को पूरा किया जा सकता है।

विश्व योग दिवस पर वान्या शर्मा का संदेश साफ है—
योग अपनाइए, स्वस्थ रहिए और जीवन को संतुलित बनाइए।