मऊरानीपुर (झाँसी)- पूर्व सरकार ने अपराधों पर नियन्त्रण रखने तथा लोगों को पुलिस की तत्काल सहायता उपलब्ध कराये जाने की दृष्टि से पूरे प्रदेश में यूपी 100 टीम का गठन किया था । साथ ही उन्होनें हर कोतवाली क्षेत्र में वाहन उपलब्ध कराये थे। जिन्हें 24 घण्टे सक्रिय रह कर लोगों के एक कॉल पर 20 मिनट के अन्दर पहुँचने की जिम्मेदारी सौपी गयी थी। इसी क्रम में मऊरानीपुर कोतवाली में यूपी 100 के वाहनों के साथ पुलिस कर्मियों की तैनाती की गयी थी। उसके बाद देखने को यह आ रहा है कि वाहनों का पहिया बराबर चल रहा है मगर अपराधों में किसी तरह की कोई कमी नही आयी है इसकी वजह इन वाहनों में स्टाफ की दृष्टि अवैध रुप से धन कमाने पर आकर जम गयी है। और इनका सम्पर्क मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र में चल रहे अवैध धन्धों के संचालकों के साथ हो गये है। ये वाहन पूरे समय उन्ही के साथ अपना समय व्यतीत करते है और शासन की ओर से मिले वाहनों व उनके ईधन का अपने निजी लाभ में उपयोग करते है। इस स्थिति में अवैध शराब के कारोबारी जुये, सट्टे के संचालक पूरे तरह से निश्चिन्त हो गये है और वे बगैर किसी हिचक के खुलकर अपने अवैध धन्धों को बढाने में लग गये है। यूपी 100 के कर्मचारी होटल व ढाबों पर पहुँचकर रोब गालिब करते है तथा उन्हें खाने- पीने के मामले में सुविधायें प्रदान किये जाने हेतु दबाब बनाते है। चर्चा तो ये भी है कि यूपी 100 वाहनों में बैठे पुलिस कर्मी दिन में भी नशे की हालत में नजर आते रहते है। सरकार क्राइम कन्ट्रोल के नाम पर भले ही लाखों रुपये खर्च कर रही हो मगर इसका लाभ आम जनता को कतई प्राप्त नही हो पा रहा है। मऊरानीपुर वासियों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झाँसी का ध्यान डायल 100 के कार्य कलापों की ओर आकृष्ट कराते हुये तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है। रिपोर्ट_सौरभ भार्गव अनुभवी आँखें न्यूज मऊरानीपुर । updated by gaurav gupta

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